Shayari
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Dua Shayari

खुदा से दुआ शायरी 

खुदा से दुआ शायरी का मतलब हम उनसे सीधे तौर पर बात करते है, जब हम कुछ भी खुदा से मांगते है, उनसे बात करते हुए अपने ज़रुरत को बताते है, किसी गलती का प्राश्चित करते है या उनका धन्यवाद करते है। ये सभी उनसे अपने दोस्त की तरह बताते है खुदा से बात करते हुए उन्हें दुआ शायरी से अपनी सारी बात अच्छे से कह पते है।  

खुदा दुआ शायरी के माध्यम से खुदा से सीधे तौर पर जुड़ने का सबसे बेहतर तरीका है यह पे हमने कुछ शायरी लिखे है जो खुदा दुआ करने पर है। हम आशा करते है की ये शायरी आप को बहुत पसंद आएगी। 

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सुन ली जो ख़ुदा ने वो दुआ तुम तो नहीं हो

दरवाज़े पे दस्तक की सदा तुम तो नहीं हो

सिमटी हुई शर्माई हुई रात की रानी

सोई हुई कलियों की हया तुम तो नहीं हो

महसूस किया तुम को तो गीली हुई पलकें

भीगे हुये मौसम की अदा तुम तो नहीं हो

इन अजनबी राहों में नहीं कोई भी मेरा

किस ने मुझे यूँ अपना कहा तुम तो नहीं हो

 Written By Bashir Badr

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वह दिल ही क्या तेरे मिलने की जो दुआ न करे.
मैं तुझको भूल के ज़िंदा रहूँ ख़ुदा न करे।
रहेगा साथ तेरा प्यार ज़िन्दगी बनकर.
ये और बात मेरी ज़िन्दगी वफ़ा न करे।
ये ठीक है नहीं मरता कोई जुदाई में.
ख़ुदा किसी से किसी को मगर जुदा न करे।
सुना है उसको मोहब्बत दुआयें देती है.
जो दिल पर चोट तो खाये मगर गिला न करे।
ज़माना देख चुका है परख चुका है उसे.
“क़तील” जान से जाये पर इल्तजा न करे।

Written By Qateel Shifai

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या खुदा मेरी दुआओं में इतना असर कर दे,

खुशियाँ उसे दर्द उसका मुझे नजर कर दे,

दिलों से दूरिओं का एहसास मिटा दे ऐ मौला,

नहीं तो उसके आँचल को मेरा कफ़न कर दे।

हो पूरी दिल की हर ख्वाहिश आपके,

और मिले खुशियों का जहाँ आपको,

अगर आप मांगे आसमा का एक तारा,

तो खुदा देदे सारा आसमा आपको।

ए खुदा मेरे हक़ में यह मुकाम आय

के मेरी दुआ में नाम आता है उसका

काश उसकी भी दुआ में मेरा नाम आय जाय

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ये भी एक दुआ है खुदा से

किसी का दिल न दुखे मेरी वज़ह से

ए खुदा कर दे कुछ ऎसी इनायत मुझ पे

की खुशियाँ ही मिले सब को मेरी वज़ह से

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हो पूरी दिल की हर ख्वाहिश आपके,

और मिले खुशियों का जहाँ आपको,

अगर आप मांगे आसमा का एक तारा,

तो खुदा देदे सारा आसमा आपको।

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तमन्ना करते हो जिन खुशियों की,

दुआ है वह खुशिया आपके कदमो मे हो,

खुदा आपको वह सब हक़ीक़त मे दे,

जो कुछ आपके सपनो में हो

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जब भी तन्हाई में आपकी याद आती है,

तब मेरे होंठों पर बस एक ही फ़रियाद आती है,

खुदा आपको जिंदगी में हर ख़ुशी दे दे,

क्योंकि हमारी ख़ुशी आपके बाद आती है।

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वफाओं की बातें की जफ़ाओं के सामने,

ले चले हम चिराग़ हवाओं के सामने,

उठे हैं जब भी हाथ बदली हैं क़िस्मतें,

मजबूर है खुदा भी दुआओं के सामने।

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लौट आती है हर बार दुआ मेरी खाली,

जाने कितनी ऊँचाई पर खुदा रहता है।

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बस एक दुआ है खुदा से मै रहू या ना रहूँ

तू हमेशा खुश रहे मेरे साथ भी मेरे बाद भी

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आंसू वो खामोश दुआ है

जो सिर्फ खुदा ही सुन सकता है

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लौट आती है हर बार दुआ मेरी खाली,

जाने कितनी ऊँचाई पर खुदा रहता है।

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नते हैं की मिल जाती है हर चीज़ दुआ से

वो क्यों नहीं मिलता जिसे माँगा था खुदा से

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सब कुछ मांग लिया तुझ को खुदा से मांग कर

उठते नहीं हैं हाथ मेरे इस दुआ के बाद

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वो जो दूसरो के लिए,  दुआ करता है,

 दुआएँ खुद उसकी, खुदा करता है.

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में वो काम नहीं करता हूँ जिसमे खुदा मिले,

 में बस वो करता हूँ जिसमे दुनिया की  दुआ मिले. 

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तेरी यादों के हसीन पल के सिवा कु छ भी ना

मेरे कश्कोल में इस कल के सीवा कुछ भी नहीं।

मैं ही पागल था वफ़ा ढूंढ रहा था इन में.

तेरी अँखों को काजल के सिवा कुछ भी नहीं।

कितने ही ख्वाब-इ-मसर्रत का नगर थीं पहले.

अब तो आंखे मीरे बदल के सीवा कुछ भी नहीं।

बन के सुकरात जियो तजरबा अपना है यही.

ज़िन्दगी ज़हर-इ-हलाहल के सीवा कुछ भी नहीं।

बढ़ती जाती हैं मेरी वहशतें हर दिन ‘मेराज’

ऐसा लगता है मैं पागल के सीवा कुछ भी नहीं।

 Written By Meraj Naqvi

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लम्हे लम्हे की सियासत पे नज़र रखतें है!

हमसे दीवाने भी दुनिया की खबर रखते हैं!

इतने नादां भी नही हम की भटक कर रह जाए!

कोई मंज़िल न सही, रह गुज़र रखते है!

मार ही डाले जो बे मौत, ये वो दुनिया है!

हम जो जिंदा है जीने का हुनर रखतें है!

इस क़दर हम से तगफुल भी न बरतों साहिब!

हम भी कुछ अपनी दुवाओं में असर रखते है!

 Written By Jaan Nisar Akhtar

मेरी हर आवाज तेरे लिए दुआ मांगती है

मेरी हर साँस तेरे लिए फरियाद मांगती है

हर ख़ुशी मिले इस जहाँ की हर गम तेरा मुझे तोहफे में मिल जाये

बार बार आये ये दिन तेरी जिंदगी में और हर बार तेरी ख़ुशी परवान चढ़ जाये।।

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तेरी दुआओं का असर है, जो अब तक मैं सलामत हूँ.!

तेरी आँखों की नमी नहीं, हाथों की लकीरों में बस्ता हूँ.

मैं जानता हूँ जान-ए-जहाँ, तुझे बस मोहब्बत है मुझ से.

तेरी साँसों की राह पकड़…., तेरी रूह में बस्ता हूँ….

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हमारी दुआ है कि मुझे वो प्यार नसीब हों.

कि खुद सें अलग करू उन्हें पास मेरें कुछ न रहें!

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जब कुछ न मिला हाथ दुआओं को उठाकर.

फिर हाथ उठाने ही पड़े हमको दुआ से!

 

 

दोस्त के लिए दुआ शायरी

दोस्ती! हमारे जीवन का सबसे बेहतरीन हिस्सा, जो दिल के सबसे करीब होता हैं दोस्त ही हर समय आप के साथ रहता है जिससे आप आपस में अपने दुःख दर्द, ख़ुशी, हर एक पल जो जिया है और जो जीना चाहते है, वो सरे पल दोस्त के साथ हो यही चाहते है। तो क्यों ना दोस्त के लिए कुछ दुआ हो जाये, हमने आप के किये कुछ खास दोस्त के किये दुआ शायरी का कलेक्शन लाये है। इन शायरी को पढ़े और अपने दोस्त के लिए दुआ करे साथ ही साथ अपने दोस्त के साथ शेयर करे।

 

कामयाबी के हर शिखर पर तुम्हारा नाम होगा

तुम्हारे हर कदम पर दुनिया का सलाम होगा

हिम्मत से मुश्किलों का सामना करना दोस्त

दुआ है कि वक़्त एक दिन तुम्हारा गुलाम होगा

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अंधेरों के लिए कुछ आफताब मांगे हैं

अपने लिए हमने दोस्त कुछ ख़ास मांगे हैं

जब भी दुआ में कुछ माँगा है रब से

तो आपके लिए खुशी के लम्हात मांगे हैं

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दोस्ती का शुक्रिया कुछ इस तरह अदा करू,

आप भूल भी जाओ तो मे हर पल याद करू,

खुदा ने बस इतना सिखाया हे मुझे..

कि खुद से पहले आपके लिए दुआ करू. 

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दुआ करो वो मुझको मिल जाए यारो

‪सुना‬ है ‪दोस्तों‬ की ‪दुआ‬ में फरिश्तों की ‪‎आवाज़‬ होती है

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क्या दुआ करू मेरे दोस्तों के लिए ये खुदा,

बस यही दुआ है कि,मेरे दोस्त कभी किसी दुआ की मोहताज ना हो

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तू सलामत रहे ये दुआ है हमारी, दोस्ती के लिए सोचना आदत है हमारी,

कभी मुसीबत न ए दोस्त तुझ पर, यही हर पल दिल से दुआ है हमारी

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