Shayari
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Baat Nahi Karte Shayari

आई मिस यू, लेकिन मैं ये समझ नहीं पता हूं कि हम बात क्यों नहीं करते हैं!

क्या हो अगर आप जिससे प्यार करते है वो आप से बात न करे। ऐसा अदिकतर लड़कियों के साथ होता है वो चाह कर भी अपने बॉयफ्रेंड से बात नहीं कर पाती है क्यों की उनके परिवार वाले उन्हें कम उम्र में किसी भी रिलेशनशिप में आने से रोकते है व मना करते है बात करने से, ऐसे में लड़के को अपनी GF को मनाने के लिए शायरी का सहारा लेते है और ऐसी शायरी को भेजना पसंद करते है जिसमें बात न करने का जिक्र हो जैसे की – आप क्यों बात नहीं करते, ऑनलाइन होके भी बात नहीं करते शायरी, कोई बात नहीं शायरी आदि।  

शायरी एक ऐसा जरिया है जो अदिकतर काम कर जाती है और रूठी हुई GF मान जाती है अब आप अपनी GF को कुछ बेहतरीन शायरी जो बात न करने पे है उने भेज कर मना सकते है।

बात नहीं करने की शायरी:-

टूटता है दिल तो आवाज नहीं होती,

शायरी अल्फ़ाज़ों की मोहताज नहीं होती,

दिल से निकली हर आवाज इक शेर है,

जो दस्तक न दे दिल पर वो आवाज-ऐ-शाज़ नहीं होती,

जो सब को पता है वो बात राज़ नहीं होती,

लब सिले हैं इस क़दर के अब बात नहीं होती,

पूछना क़त्ल होने वालों से,

क़त्ल करने की आदत कोई अंदाज़ नहीं होती,

हर संगमरमर की इमारत ताज नहीं होती,

सब शाहजहां नहीं होते हर इक मुमताज नहीं होती,

जो मोहब्बत में रख दे नींव ताज की,

ऐसी मोहब्बत आज नहीं होती।

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हर रात चांदनी रात नहीं होती

हर दोस्त में आप जैसी बात नहीं होती,

ना जाने खुदा क्यों सजा दे रहा है,

जो आज कल आपसे मुलाकात नहीं होती. ….

प्यार भरे दिल को ठुकराया नहीं करते,

यु दर के आगे से गुजर जाया नहीं करते,

क्या हुवा अगर मेरा घर महल नहीं,

क्या ज़्होपरी में दोस्त आया नहीं करते..???

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निकलते है आंसू जब मुलाकात नहीं होती,

टूट जाता है दिल जब बात नहीं होती है.

अपनी जान की कसम जब याद आये ना

ऐसी कोई सुबह ऐसी कोई रात नहीं होती.

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सबके चेहरे मे वह बात नहीं होती,

थोड़े से अँधेरे में रात नहीं होती,

ज़िन्दगी में कुछ लोग बहुत प्यारे होते है,

क्या करे उन्ही से आज कल मुलाकात नहीं होती.

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सिर्फ चाहने से कोई बात नहीं होती,

सूरज के सामने कभी रात नहीं होती,

हम चाहते हैं जिन्हें जान से भी ज्यादा,

वह सामने है पर बात भी नहीं होती.

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उस सक्स से जब तक कोई बात नहीं होती

दिन नहीं निकलता और रात नहीं होती

न ख़फ़ा हुवा करे वो उसे कहना

बिना उस क मुकमल मेरी ज़ात नहीं होती

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अनजान शख्स दिखे आईने में अब
खुद से भी दोबारा मुलाकात नहीं होती
दिन गुजरता बेमतलब सी भाग दौड़ में
बिन करवट के अब रात नहीं होती
और मत पूछो मिलकर क्या हल है मेरा
उनसे अब बस, पहले जैसी बात नहीं होती

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उसके सिवा किसी को चाहना मेरे बस में नहीं

ये दिल उसका है अपना होता तो बात और थी

अब उनसे बात नहीं होती

जागता रहता हूँ मैं , अब मेरी रात नहीं होती !!

 

Ab baat nahi hoti:-
बीत गए हो अगर आप को बात किये अरसो तो आप को ये शायरी बेहद पसंद आएगी।  

 

अब उनसे बात नहीं होती

जागता रहता हूँ मैं , अब मेरी रात नहीं होती !

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उसने ही नहीं देखा ये बात अलग है..

वरना इस बार सजे थे हम कुछ और तरह से भी.

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मत पूछो कैसे गुजरता है हर पल तुम्हारे बिना,

कभी बात करने की हसरत कभी देखने की तमन्ना

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नफ़रत हो जायेगी तुझे अपने ही किरदार पे,

अगर में तेरे हि अंदाज मे तुझसे बात करुं

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कभी पीठ पीछे आपकी बात चले तो घबराना मत,

बात उन्हीं की होती है, जिनमें कोई बात होती है

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बात नहीं करना तो बस एक बहाना है,

सच तो यह है कि तुम्हारा हमसे जी भर गया है.

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ख़ुशी की बात और है ग़मों की बात और,

तुम्हारी बात और है हमारी बात और.

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एक वक्त था जब बातें खत्म नहीं हुआ करती थी,

आज सब खत्म हो गया पर बात नहीं होती.

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मत पूछो कैसे गुजरता है हर पल तुम्हारे बिना,

कभी बात करने की हसरत कभी देखने की तमन्ना.

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कैसे कह दूँ कि मुलाक़ात नहीं होती है,

रोज मिलते हैं मगर बात नहीं होती है.

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जिससे किया करते थे रात भर बातें,

अब सिर्फ उसकी बात किया करते हैं.

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आओ कुछ इस तरह से बात करते है,
इक-दुसरे के दिल का घाव भरते है.

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एक वक्त था जब बाते ही खत्म नहीं होती थी,
आज सबकुछ खत्म हो गया मगर बात ही नहीं होती.

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हम ना होंगे तो तुम्हें मनाएगा कौन,
यूँ बात-बात पर रूठा ना करो.

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कैसे कह दूँ कि मुलाक़ात नहीं होती है

रोज़ मिलते हैं मगर बात नहीं होती है

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यह सितम काम नहीं के तुम दूर होगये और यह भी कि अब बात भी नहीं होती

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यूँ तो बाते उनसे रोज होती है

मगर बातों में अब वो बात नहीं रही

 

 

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